विडियो: इन जगहों पर भूलकर भी न बनाये शारीरिक संबंध,शास्त्रों के अनुसार होता है महापाप !

वास्तु शास्त्र का हमारे जीवन में विशेष महत्व है। यह हिन्दू शास्त्रों द्वारा प्रदान की गई एक ऐसी देन है, जिसका यदि सही उपयोग किया जाए तो जीवन बदल सकता है।कठिनाई कैसी भी हो, वास्तु शास्त्र के पास उसका हल है। अगर परिवार में क्लेश बढ़ गए हैं या धन की कमी हो रही है तो वास्तु शास्त्र के उपाय मददगार सिद्ध होते हैं। कोई बीमार हो, व्यापार या नौकरी में दिक्कत हो, नया घर-गाड़ी नहीं मिल रहा या फिर पति-पत्नी के रिश्ते में गड़बड़ हो। सभी की दवा है वास्तु शास्त्र के उपाय।

आज हम वास्तु शास्त्र के कुछ नियम आपके समक्ष प्रस्तुत करने जा रहे हैं। जो प्रेमी-प्रेमिका या फिर पति-पत्नी के काफी काम आ सकते हैं। ये नियम उनके शारीरिक रिश्तों से जुड़े हैं। जी हां… वास्तु शास्त्र के भीतर कई सारे सिद्धांत एवं मौलिक नियम हैं जो हमें सही जीवन जीने की दिशा प्रदान करते हैं। इन्हीं नियमों में से कुछ नियम शारीरिक संबंधों से जुड़े हैं। आपको भले ही ताज्जुब हो रहा हो, लेकिन हिन्दू शास्त्रों में शारीरिक संबंधों के संदर्भ में विभिन्न उल्लेख पाए गए हैं। जिसके अनुसार पति-पत्नी के बीच शारीरिक संबंध होना अति आवश्यक है। इस तरह के संबंध बुरे नहीं हैं, अपितु पवित्र माने गए हैं। यही कारण है कि वास्तु शास्त्र ने इन्हें विशेष नियमों में बांधा है|शास्त्रों के अनुसार कहीं भी किसी पवित्र नदी के पास शारीरिक संबंध नहीं बनाने चाहिए। ऐसे संबंध युद्ध को आमंत्रित करते हैं।

इतिहास गवाह है इस बात का, ऋषि पराशर एवं सत्यवती के रिश्ते ने ही महाभारत युद्ध को जन्म दिया था। भूलकर भी ऐसी जगह पर शारीरिक संबंध ना बनाएं, जहां आसपास अग्नि प्रज्वलित हो। अग्नि को हिन्दू धर्म में ‘देवता’ माना गया है, ये पवित्र है। इसलिए अग्नि के करीब शारीरिक संबंध मनाना, महापाप है।

अगर आसपास कोई ब्राह्मण हो या ऋषि-मुनि हो, या फिर कोई ऐसा महान पुरुष जिसे लोग अपना आदर्श मानते हों। तो ऐसी जगह पर शारीरिक संबंध नहीं बनाने चाहिए। ये उनका अपमान करने के समान है। एक छत के नीच, एक ही घर में यदि कोई ऐसा व्यक्ति हो जो मृत्यु की कगार पर आ खड़ा हुआ है, तो ऐसी जगह पर शारीरिक संबंध बनाने से बचना चाहिए।

शास्त्रों के राय में नवजात की उपस्थिति में शारीरिक संबंध बनाना पाप है। ऐसा करने से पति-पत्नी को बचना चाहिए। यह बात बताने लायक तो नहीं है, किंतु यदि इस बात से कोई अनजान है तो बता दें कि शास्त्रों में मंदिर परिसर में शारीरिक संबंध बनाना वर्जित माना गया है। यह महापाप है। मंदिर के आसपास भी ऐसे संबंध बनाना गलत माना जाता है।

ऐसी जगह जहां फिलहाल कोई गुलाम हो या पहले कभी रहा हो, ऐसी जगह पर शारीरिक संबंध बनाने की मनाही है। ये जगहें इस पवित्र रिश्ते के लिए सही नहीं हैं। दोस्त हो या कोई रिश्तेदार, किसी अन्य व्यक्ति के घर जाकर शारीरिक संबंध स्थापित करना गलत माना गया है।इन शास्त्रीय नियमों का यदि पालन किया जाए, तो पति-पत्नी का आपसी प्रेम बना रहता है। इन्हें दरकिनार करना दोनों के रिश्तों को संकट में डाल सकता है। शारीरिक संबंध दोनों के बीच बना रहे, ये अति आवश्यक है।
ज्यादा जानकारी के लिए वीडियो देखे :

Be the first to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.


*